9 Hindi Short Stories For Kids With Moral (Kahaniya)

Hindi Kahaniya For Kids With Moral
Hindi Short Stories For Kids With Moral are among some best short hindi stories. These Hindi short stories(Hindi Kahaniya) are for kids and as well as for adults. These hindi short stories will add value to you and will inspire you to do good. So these hindi kahaniya ( हिंदी कहानियां) will be a worth your reading. We have kept the language very lucid and very simple.
In day today life we often listen to stories. Being a short story writer i love that people remind of their childhood reading these short stories in hindi for kids.
 
Hope you will enjoy these hindi short stories (Hindi Kahaniya for kids). Cheers.
 

Content:-

1). जादुई कंघी ( Hindi Kahaniya For Kids)
(2). मिलावटी लस्सी वाला ( Hindi Kahaniya)
(3). दर्जी की बेटी ( Hindi Kahaniya)
(4). भूत की कहानियां( Bhoot Ki Kahaniya In Hindi)
(5). मां का खत (Hindi Kahaniya For Kids)
(6). अकबर बीरबल की कहानियां ( Akbar Birbal Ki Kahaniya)
(7). चालाक बकरी (Hindi Kahniya)
(8). कुएं का भूत ( Hindi Kahaniya With Moral)
(9). दुखी जलपरी (Hindi Kahaniya For Kids)
 

(1). जादुई कंघी

(Hindi Short Stories With Moral)

एक पास ही के शहर में पूजा नाम की लड़की रहती थी। पूजा बहुत ही शांत एवम् सुशील लड़की थी। लेकिन उसमें एक  ही कमी थी उसके सर पर बाल बहुत कम थे। सभी दोस्त मिलकर उसका मज़ाक उड़ाया करते थे। पूजा अपने दोस्तों का उड़ाया मजाक चुपचाप सुन लिया करती थी और उनकी मदद किया करती थी। 

पूजा सबके साथ अच्छा व्यवहार किया करती थी, पर उसकी सभी सहेलियां उससे दूर ही रहती थी। सभी साथ में खाना खाती सभी साथ में खेलती पर कोई पूजा को अपने साथ नहीं खिलाता था। 
 
एक दिन पूजा दुखी होकर रोने लगी, उसे रोता देख एक पास पड़ी कंघी बोलने लगी। उसने कहा मैं तुम्हारे अच्छे काम से खुश होकर तुम्हारे पास आई हूं और मैं तुम्हारी मदद करना चाहती हूं। और कुछ ही दिनों में पूजा के बाल लंबे और घने हो गए जिससे वह बहुत खूबसूरत लगने लगी इसी कारण सभी दोस्ती करना चाहते हैं। 
 
एक दिन पूजा की दोस्त को उसकी जादू-वी कंघी के बारे में पता चला और उसने वह कंघी चुरा ली। जैसे ही उसकी दोस्त ने अपने बालों पर इस्तेमाल किया उसके सारे बाल झड़ गए, यह देखकर वह बहुत रोने लगी और पूजा के पास रोते हुए गई। पूजा को अपनी दोस्त के लिए बहुत बुरा लगा और उसने कभी से प्रार्थना की कि वह उसके बाल वापस लौटा दे। उसकी प्रार्थना सुनकर कंगी ने उसकी दोस्त के बाल लौटा दिए, उस दिन के बाद वह दोनों सबसे पक्के दोस्त बन गए।
 
इसीलिए कहते हैं अगर आप दूसरों के साथ अच्छा करेंगे तो आपके साथ भी अच्छा ही होगा।
 

Moral of the story:- If you will do good with others you will also get the same.

Also Read :- Moral Stories In Hindi For Kids

(2).  मिलावटी लस्सी वाला

( Hindi Short Stories With Moral)

 
एक जोगिंदर नाम के पंजाबी ने शहर में लस्सी की नई दुकान खोली। वह  रोज सुबह जल्दी उठकर दुकान पर जाता और अपने हाथों से ताजा लस्सी बनाता। और अच्छे स्वभाव के कारण उसकी दुकान पर लोगों की भीड़ लगने लगी और पूरे शहर में पंजाबी लसीवाला के नाम से मशहूर हो गया। बहुत जल्दी बड़ी कामयाबी के बावजूद जोगिंदर रोज मेहनत से काम करता।
 
पंजाबी लस्सी वाले की दुकान के पास एक लखन लस्सी वाला था जो कि जोगिंदर की कामयाबी से बहुत जलता  था। एक दिन लखन लस्सी वाला जोगिंदर की दुकान में चुपके से घुस गया और उसकी लस्सी में एक चूर्ण मिला दिया।
 
जोगिंदर की लस्सी पी कर लोगों के पूरे बदन में खुजली होने लगी, अगले दिन लखन ने फिर वैसा ही किया और लस्सी पी कर लोगो  के सारे बदन में सूजन आ गई। लोगों को जोगिंदर पर बहुत गुस्सा आया और उन्होंने दुकान तोड़ दिया उसकी दुकान पर भी जाना बंद कर दिया। इससे लखन बहुत प्रसन्न हुआ क्योंकि सारे लोग अब उसकी दुकान पर आने लगे। पर लखन लस्सी में मिलावट करता था जिसके कारण लोगों ने उसकी शिकायत पुलिस में कर दी, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी दुकान भी बंद करा दी।
 
जोगिंदर ने मेहनत और लगन से अपनी दुकान फिर से खोली ली और उसकी दुकान पर फिर से लोग जाने लगे।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि दूसरों से ईर्ष्या करने वाले और दूसरों को धोखा देने वाले जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ाते तरक्की वही करते हैं जो अपना काम पूरी ईमानदारी मेहनत से करते हैं।
 

Moral of the story:- Those who envyand cheat other can never succeed in life. Only those who work with honesty and hard work succeed.

 

(3). दर्जी की बेटी ( Hindi Short Stories With Moral)

 
यह जादुई कहानी मुनमुन की है जो अपने माता-पिता और अपनी दादी के साथ एक छोटे से गांव में रहती थी। मुनमुन के पिता जी एक दर्जी थे जो दिन-रात मेहनत करते थे लेकिन ज्यादा पैसे नहीं कमा पाते थे।
 
एक दिन राज्य की महारानी ने अपने बेटे के जन्मदिन की कुशी में पार्टी का आयोजन किया और गाओं के सभी बच्चो को पार्टी के लिए न्योता दिया। पार्टी अगले महीने की एक तारीख को थी।
 
सभी बच्चे बहुत उत्साहित थे सभी एक दूसरे से बताने लगे की पार्टी में वो क्या पहनेंगे परन्तु मुनमुन गरीब थी और उसके पास पहनने के लिए कोई अच्छी ड्रेस नहीं थी इसीलिए उसके दोस्तों ने उसका मजाक उड़ाया। मुनमुन उदास हो गई और अपने माता-पिता से कहने लगी कि मैं पार्टी में नहीं जाना चाहती।
 
मुनमुन रोज जंगल में खेलने जाया करती थी, सभी जानवर एवं पेड़ पौधे उसके मित्र थे। एक दिन मुनमुन एक बड़े से पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगी तभी पेड़ से आवाज आई उस पेड़ ने पूछा बेटा क्यों रो रही हो तभी मुनमुन ने अपनी सारी कहानी उस पेड़ को बताया। पेड़ ने कहा तुम्हारे पास अच्छे कपड़े नहीं है पर तुम्हारे पास एक अच्छा दिल है इसलिए जंगल के सारे पेड़ पौधे एवं पक्षी तुम्हारी मदद करेंगे।
 
जानवरों ने और पेड़ पौधों ने मुनमुन को थोड़ा थोड़ा सामान दिया इसको ले जाकर जिसको ले जाकर उसने अपने पिताजी को दे दिया और उन्होंने सुंदर नई ड्रेस बना दी। जैसे ही पार्टी मुनमुन उसे पहनकर पहुंची सभी लोग उसे देखते रह गए सभी ने उसकी बहुत तारीफ की।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है अगर आपका दिल साफ है और सच्चा है तो भगवान आपकी मदद जरूर करेंगे। 
 

Moral of the story:- If you have a good heart god will always help you.

 

(4). भूत की कहानियां( Bhoot Ki Kahaniya In Hindi)

 
बरेली शहर में आनंद नाम का लड़का था उसके पिताजी इंजीनियर थे आनंद बहुत ही समझदार एवं अच्छा लड़का था। बरेली में उसकी बहुत सारे दोस्त थे वह उनके साथ खेलता ही मस्ती करता था।
 
कुछ समय बाद आनंद के पिताजी का तबादला हैदराबाद हो गया और वह सब हैदराबाद चले गए। वहां उन्हें रहने के लिए घर मिला। आनंद वहां किसी को नहीं जाता था। उसके घर के पास और भी कुछ घर थे जिनमें कुछ घरों में लोग रहते थे बाकी कुछ घर खाली थे।
 
थोड़े समय बाद आनंद की मां सुनीता की दोस्ती पड़ोस के कुछ लोगों से हो गई। आनंद रोज शाम को कॉलोनी के पार्क में खेलने जाता था और सुनीता रोज अपनी सहेलियों से बात करती थी। कुछ दिन बाद सुनीता को पता चला कि उनके बगल के घर में भूत रहता है। यह सुनकर सुनीता डर गई और उसने यह बात आनंद के पिताजी को बताई। आनंद के पिताजी ने सुनीता का मजाक उड़ाया और रात में अपनी ड्यूटी पर चले गए।
 
एक रात सुनीता को घुंघरू की आवाज आई। सुनीता बहुत डर गई, आनंद को नींद से उठाया और कहा शायद बगल के घर में सच में भूत रहता है। आनंद नें बाहर जाकर देखने की जिद की परंतु उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ लिया। अगले दिन सुनीता ने आनंद के पिताजी को सारी बात बताई परंतु उन्हें विश्वास नहीं हुआ उन्होंने आनंद से भी पूछा तब उन्हें बहुत ही आश्चर्य हुआ।
 
पर आनंद को चुड़ैल के बारे में पता करना था इसलिए वह रात को चुपचाप उठकर बगल के घर में किचन की खिड़की से घुस गया। और जैसी वह अंदर गया उसे घुंघरू की आवाज फिर से आई वह डर गया परंतु उसने साहस किया और आगे बढ़ा जैसे ही उसने टॉर्च आवाज की तरफ की तभी उसमें एक कागज का डब्बा को हिलते हुए देखा। वह उसके पास गया और जैसे ही उसको डब्बा खोल कर देखा तो उसमें एक चूहा था जिसके पैर में एक धागा बंधा हुआ था जिसमें कुछ घुंगरू बने थे। आनंद ने अपने माता पिता को चूहा दिखाया तो वह बहुत हंसे।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किसी की भी कही सुनी बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
 

Moral of the story:- Don’t trust what other say until and unless you yourself find it out.

 

(5). मां का खत (Hindi Short Stories For Kids)

 
मगध गांव में अजय नाम का लड़का रहता था अजय की मां की एक आंख नहीं थी इसलिए वह बदसूरत दिखती थी।
 
जब अजए छोटा था तब वह अपनी मां से बहुत प्यार करता था पर जैसे जैसे वह बड़ा होने लगा उसे महसूस होने लगा कि उसकी मां की एक आंख नहीं है इसी कारण से वह सुंदर नहीं दिखती थी। इसी बात से उसे शर्म आने लगी इसीलिए वह अपनी मां के साथ कहीं बाहर नहीं जाता था और ना ही उन्हें अपने साथ कहीं ले जाता था। उसे लगता था अगर मैं अपनी मां को लेकर कहीं बाहर गया तो उसके दोस्त उसे चिढ़ाएंगे और इसीलिए वह अपनी मां को बहुत भला बुला कहता था।
 
अजय की मां उसकी बातें सुनकर दुखी एवं निराश हो जाती। एक दिन अजय अपने खाने का डब्बा घर पर ही भूल गया, अजय दिन भर भूखा ना रहे इसीलिए अजय की मां उसे डब्बा देने के लिए उसके पाठशाला पहुंच गई इस बात पर अजय को बेइज्जती महसूस होती है एवं बहुत ही गुस्सा आता है। घर आकर उसने मां को बहुत भला बुरा सुनाता है।
 
पर फिर भी उसकी मां उसका बहुत ख्याल रखती थी और जीवन भर कोई कमी नहीं होने दी। दिन गुजरते गए और अजय बड़ा हो गया पर वह अपनी मां का ज्यादा तिरस्कार करने लगा और सब का गुस्सा मां पर निकालने लगा। यह दिन अजय अपनी मां पर गुस्सा करता है और घर छोड़कर चला जाता है। वह शादी करके दूसरे घर में अपनी बीवी के साथ रहने लगता है।
 
कुछ दिनों के बाद गांव से एक बूढ़ा आदमी अजय के दरवाजे पर आता है और एक खत अजय को देता है, अजय को खबर देता है कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
 
अजय खत पड़ता है “बेटा मेरी एक आंख ना होने की वजह से जीवन भर तुम्हारी बेज्जती होती रही मुझे माफ कर दो पर आज मैं तुम्हें एक बात बता रही हूं जो मैंने पहले तुम्हें कभी नहीं बताई, जब तुम छोटे थे खेलते खेलते तुम्हारी आंख में चोट लग गई डॉक्टर ने कहा कि तुम्हारी एक आंख खराब हो गई है और तुम तभी देख पाओगे जब तुम्हें कोई आपनी आंख दे दे। अभी मैंने तुम्हें अपनी एक आंख दे दी ताकी तुम्हें जीवन में कोई तकलीफ ना आए।”
 
यह खत पढ़कर अजय को बहुत दुख हुआ एवं और बहुत रोया। उसे जीवन भर इस बात का पछतावा रहा जो अपनी मां से प्रेम से क्षण भी बात ना कर सका और ना ही उनका सम्मान कर सकता।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है जीवन में सब कुछ दोबारा मिल जाता है परंतु मां एवं मां की ममता नहीं।
 

Moral of the story:- We can get anything in life but we won’t be able to get a mother and her affection back.

 

(6). अकबर बीरबल की कहानियां ( Akbar Birbal Ki Kahaniya)

 
एक दिन महाराज अकबर ने अपने सिपाहियों को आदेश दिया था की शिकार पर जाना है। अकबर के सिपाही जंगल के पेड़ काटनें में लग गए ताकि महाराज अकबर अच्छे से जानवरों का शिकार कर पाए।
 
जैसे ही महाराज बीरबल एवं सिपाहियों के साथ शिकार पर गए वहां उन्हें कोई भी जानवर नहीं दिखा। तभी बीरबल ने अकबर से कहा कि जानवर घने जंगल में रहते हैं और आपको शिकार में आसानी हो इसलिए सिपाहियों ने पेड़ काट दिए हैं।
 
अकबर ने कहा हम शिकार के लिए जंगल में और अंदर तक जाएंगे। बहुत देर तक जंगल में घूमने के बावजूद उन्हें कोई भी शिकार नहीं दिखा जिससे महाराजा अकबर को बहुत गुस्सा आया उन्होंने सिपाहियों को इसका कारण पता करने को कहा। तब सिपाही ने जांच पड़ताल करके उन्हें सूचना दी की दो उल्लू जंगल के सारे जानवरों को आगाह कर रहे थे और सिपाही उन दो उल्लू को पकड़कर महाराज के पास ले आए। दोनों उल्लू ने आवाज निकालना चालू कर दी।
 
महाराज को कुछ समझ में नहीं आया तभी उन्होंने बीरबल से पूछा की ये क्या कह रहे हैं तभी बीरबल ने महाराज को बताया कि यह हमें चेतावनी दे रहे हैं कि आपका साम्राज्य नष्ट होने वाला है। महाराज अकबर को यह सुनकर बहुत ही आश्चर्य हुआ उन्होंने बीरबल से पूछा क्या ऐसा कैसे हो सकता है।
 
बीरबल ने कहा कि महाराज यह प्रकृति और जंगल को अगर हम ऐसे ही नष्ट करते रहे तो एक दिन आपका सम्राज्य एवं सारी मानव जाति नष्ट हो जाएगी क्योंकि चारों तरफ सूखा एवं भुखमरी आ जाएगी, जंगल तो जानवरों की रहने का स्थान इसलिए हमें उन्हें नष्ट नहीं करना चाहिए। यह सुनकर महाराज को एहसास हो गया कि जंगल काटना गलत है एवं उन्होंने जंगलों में और भी पेड़ लगाने के आदेश दिया एवं शिकार खेलना भी बंद कर दिया।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि प्रकृति हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है इसलिए हमें उसे नष्ट नहीं करना चाहिए तथा जानवरों को भी नहीं मारना चाहिए।
 

Moral of the story:- We should take care of the environment and animals because they are integral part of our life.

 

(7). चालाक बकरी

(Hindi Short Stories)

 
जोधपुर गांव में एक मीना नाम की बकरी रहती थी। मीना की तीन बच्चे थे और गांव के पास एक घना जंगल था उसे हमेशा डर लगा रहता था कि कहीं उसके बच्चे खेलते हुए जंगल की ओर ना निकल जाए और जंगली जानवरों का शिकार हो जाए। वह अपने बच्चों को हमेशा सलाह देती रहती थी कि जंगल की ओर कभी मत जाना।
 
परंतु एक दिन बकरी का एक बच्चा इंसानों को बात करते हुए सुनता है कि जंगल में चारों तरफ हरी-हरी घास होती है, उसे हरी हरी घास देखने की इच्छा होती है और बस चुपचाप जंगल की ओर चला जाता है। जैसे ही सब कुछ दूर जंगल के अंदर जाता है उसे कुछ लकड़बग्घे आकर घेर लेते हैं। बकरी का बच्चा डर जाता है और जोर से अपनी मां को पुकारने लगता है।
 
जैसे ही मां बकरी को इस बात का पता चलता है वह तुरंत जंगल की ओर दौड़ती है और अपने बच्चे के पास पहुंच जाती है। वहां लकड़बग्घो को देखकर वह चालाकी दिखाती हुए कहती है कि अगर तुम लोगों ने मेरे बच्चे और मुझे खाया तो शेर राजा तुम्हें छोड़ेंगे नहीं क्योंकि उन्का आदेश है कि जब तक  वो ना आ जाए तब तक हम यही खड़े रहे और अगर तुम लोगों ने हमें खा लिया तो शेर राजा तुम्हें खा जाएंगे।लकड़बग्घे बकरी की बात सुनकर जोर जोर से हंसते हैं और कहते हैं कि अगर हमने तुम्हें खा लिया तो उन्नहें कैसे पता चलेगा, इस पर बकरी कहती है देखो वहां हाथी राजा खड़े है उनको शेर राजा ने हमारी निगरानी करने की याद आता है। यह सुनकर लकड़बग्घे घबरा जाते हैं और वहां से भागने में ही अपनी भलाई समझते हैं।
 
बकरी जल्दी अपने बच्चे के साथ वहां से भागने की कोशिश करती है तभी उनके सामने एक विशाल शेर आ जाता है बकरी और बकरी का बच्चा यह देख कर बहुत डर जाते हैं, पर बकरी हिम्मत कर करके कहती है कि हमें आपकी शेरनी रानी ने यहां रहने खड़े रहने के लिए कहा है जब तक वो नहीं आ जाती आज वह हमको आपके लिए एक स्वादिष्ट भोजन के रूप में ले जाना चाहती हैं इसीलिए आप हमें नहीं खा सकते अगर आपको विश्वास नहीं होता तो वह देखिए ऊपर कौवे को महारानी ने हमारी निगरानी में रखा है। शेर यह सुनकर कुछ देर सोचता है और फिर वहां से चला जाता है।
 
बकरी तुरंत अपने बच्चे के साथ जल्दी-जल्दी गांव की तरफ गांव की तरफ भागती है और अपने घर के पास जाकर ही रुकती है। बकरी के दोनों बच्चे उसे और अपने भाई को देखकर बहुत खुश हो जाते हैं और अपनी मां से लिपट जाते हैं।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किसी से भी लड़ने के लिए बल ही नहीं बुद्धि से भी लड़ा जाता है, मुसीबत को देखकर धैर्य और चालाकी से काम करना पड़ता है।
 

Moral of the story:-  Fight can’t only be fought through physical power but also through intelligence. Facing trouble one should work with patience and cleverness.

 

(8).  कुएं का भूत ( Hindi Short Stories With Moral)

 
एक बीरपुर नामक गांव के बीच में एक कुआं था वह कुआं बहुत ही सालों से सुना पड़ा था उस कुएं का कोई भी इस्तेमाल नहीं करता था और ना ही उसकी साफ सफाई कोई करता था।
 
एक दिन उस कुएं के पास से दो गांव वाले निकल रहे थे उन्हें कुएं से कुछ आवाज सुनाई दी जैसे कोई पानी भर रहा हो पर वहां आसपास कोई भी नहीं था, जैसे ही एक व्यक्ति कुएं के पास झांका वह कुएं के अंदर आचानक से गिर गया। दूसरे व्यक्ति ने सभी गांव वालों को जल्दी से गुहार लगा कर बुलाया परंतु उस व्यक्ति को कुएं में नहीं ढूंढ पाए।
 
कुछ दिन बाद कुएं के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे उन्हें भी पानी भरने की आवाज आ रही थी जैसे ही उन्होंने जाकर देखने लगे तभी उनमें से एक बच्चा अचानक कुएं में गिर गया सभी बच्चे बहुत ही डर गए और सभी गांव वालों को जाकर सूचना दी। बच्चों के साथ हुई इस घटना ने गांव में और भी ज्यादा दहशत फैला दी। और गांव वालों ने यह मान लिया कि कुएं में भूत रहता है।
 
कुछ दिन बाद गांव के एक निवासी अमन को कुछ गड़बड़ लगता है क्योंकि भूत एक साथ दो लोगों को नहीं खींचता है और वह अपने दोस्त के साथ कुएं के पास जाता। उसने पुलिस और गांव वालों को पहले ही बता रखा था कि वह कुएं में कूदेगा और सभी पीछे-पीछे आ जाना। जैसे ही वह अपने दोस्त के साथ कुएं में छलांग लगाता है उसे अंदर एक आवाज करने वाली मशीन और एक दरवाजा दिखता है।
 
जैसे ही वह उसके अंदर जाता है वहां पर बहुत ही बड़ी सुरंग बनी हुई होती है उसके अंदर उसे गांव वाले और कुछ डकैत दिखते हैं। पुलिस और गांव वाले भी नीचे कुएं में आ जाते हैं और उन डकैतों को पकड़ लेते हैं। डकैतों से यह पता चलता है कि वह गांव की पुरानी हवेली का खजाना उस गुफा के सहारे चुराना चाहते थे और इसी कारण उन्होंने कुएं के आसपास भूत होने का भ्रम फैलाया था।
 
इससे कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें किसी भी भरोसा जल्दी भरोसा नहीं करनाा चाहिए हमें उसकीी जड़ तक पहुंचनाा चाहिए।
 

Moral of the story:– We should not trust thing as they appear rather we should we should find the real scenario behind everything.

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(9). दुखी जलपरी (Hindi Short Stories For Kids)

 
प्रशांत महासागर में जल परियों का एक देश था वहां मरीना नाम की जलपरी अपने परिवार के साथ रहती थी।
 
मरीना हमेशा दुखी रहती थी क्योंकि उसे एक इंसान के रूप में जन्म चाहिए था ताकि वह भी इंसानों की तरह घूम फिर सके और इंसानों की तरह सारे काम कर सके।
 
एक दिन एक मछुआरा समंदर में जाल डालता है और उसमें एक जलपरी फस हुई देखता है,  जलपरी उस मछुआरे से कहती है कि क्या तुम मुझे इंसान बना सकते हो मुझे भी इंसानों की तरह दो पैर चाहिए। वह मछुआरा उसे एक जादुई परी के बारे में बताता है और जलपरी को जादुई परी के पास लेकर जाता है। मरीना जादुई परी से आग्रह करती है कि आप मुझे इंसान में परिवर्तित कर दीजिए।
 
जादुई परियों उस्से कहती है कि अगर तुम इंसान में परिवर्तित होना है तो तुम्हें किसी ऐसे इंसान से शादी करनी होगी जिसके दाहिने हाथ में 6 उंगलियां हों। मरीना ने मछुआरे की ओर देखा और उससे पूछा क्या तुम मुझसे शादी करोगे, मछुआरे ने तुरंत हां कर दी। जैसे ही मछुआरे और जलपरी की शादी हुई जलपरी इंसान में बदल गई।
 
इससे जलपरी बहुत ही ज्यादा खुश थी वह जंगलों में दौड़ती पहाड़ों में चढ़ती और सभी काम करती जो इंसान करते हैं।
 
एक दिन जब मरीना अपनी मां से मिलकर जंगल के रास्ते घर वापस आ रही थी तब उसके पैर में एक सांप ने काट लिया और 3 महीने तक दवाई जलने के बाद मरीना ठीक हो पाई, कुछ दिन बाद वह पहाड़ी पर फूल तोड़ रही थी तभी उसके हाथ में कांटा चुभ गया और उसके हाथ से खून निकलने लगा कुछ दिनों में यह गांव भी ठीक हो गया।
 
एक दिन गांव में भयंकर बाढ़ आ जाती है परंतु मरीना अपने पैरों से ठीक से नहीं तैर पाती और डूबने लगती है तभी मछुआरा आकर उसे बचा लेता है। तब मरीना को अपनी गलती का एहसास होता है और वह समझ आती है कि भगवान ने हर जीव को कोई ना कोई विशेषता दी है।
 
तभी वह मछुआरे से आग्रह करती है कि उसे दोबारा जादुई परी के पास ले चले क्योंकि वह वापस जलपरी बनना चाहती है। मछुआरा और मरीना दोनों जादुई परी के पास जाते हैं तभी जादुई परी मछुआरे से पूछती है क्या तुम मरीना के बगैर रह लोगे इस पर मछुआरा कहता है कि प्रेम वह नहीं जो बाधता है बल्कि प्रेम वह है जो आजाद रहने दे।
 
यह सुनकर जादुई परी मरीना को वापस जलपरी बना देती है और मछुआरा उसे वापस समंदर में छोड़ आता है। मछुआरा और मरीना जलपरी दोनों रोज एक दूसरे से तट पर मिलने आते थे और वह हंसी-खुशी रहने लगे।
 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि “भगवान ने सभी को कोई ना कोई विशेषता दी है हमें उन विशेषताओं में ही खुश रहना चाहिए”।
 

Moral of the story:– God has given special qualities to everyone and we should appreciate that.

 
Hope you have these Hindi Short Stories & Hindi Kahaniya For Kids.
 
Please do comment how you feel about the stories.  
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Hindi Short Stories

12 Replies to “9 Hindi Short Stories For Kids With Moral (Kahaniya)”

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