Animal Stories In Hindi

Short Stories In Hindi
Animal Stories make kids more fascinating about different species around them. Children’s are always inclined to listen animal stories in hindi, as it make them more curious about animals. Storytelling is the best aspects to teach children about life. St Joorytelling like animal story is a way through which children learn more about animals. Animal Stories In Hindi is the best for kids those who to learn in mother tongue. Review Masters have brought best animal stories that children’s will love to hear. I hope you will enjoy these Animal Stories. 
 

Short Animal Stories In Hindi 

1. शेर और चूहा :-

 
एक बार एक जंगल में एक शेर रहता था। वह शेर बहुत ही खतरनाक एवं ताकतवर था। एक दिन जब शेर शेर सो रहा था तभी उस शेर के ऊपर एक चूहा आकर शेर के ऊपर खेलने लगा। जिस कारण से शेर की नींद खुल गई और वह बहुत ही क्रोधित हो उठा । उसने चूहे को दबोच लिया और उसे मारने वाला था तभी चूहे ने शेर से माफी मांगी और विनती की कि वह उसे छोड़ दे। शेर को चूहे पर दया आ गई और उसने उसे छोड़ दिया। कुछ दिन बाद एक शिकारी जंगल में आया और उसने शिकार करने के लिए जाल बिछाया, परंतु उस जाल में वह शेर फस गया। जाल में फंसते ही शेर जोर जोर से दहाड़ लगाने लगा, शेर की दहाड़ सुनकर चूहा वहां पहुंच गया। उसे इस हालत में देखकर चूहे ने उसकी मदद करने की सोची और अपने तेज धारदार दानों से पूरे जाल को काट डाला। इस प्रकार से चूहे ने शेर की मदद की।
 
शिक्षा:- इस से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अच्छा करने से अच्छा ही मिलता है।
 
 
 

 2. झगड़ालू बिल्लियां :- 

 
एक बार की बात है एक गांव में एक जग्गू नाम का चतुर बंदर रहता था। और उसी गांव में चिन्टी मिन्ती दो बिल्लियां भी रहती थी। वे बिल्लियां साथ तो रहती थी मगर हर छोटी बात में झगड़ा करती थी। इसीलिए उनके मालिक ने तंग आकर उन्हें घर से बाहर कर दिया। दोनों भूखी प्यासी घूमती रहती थी मगर उन्हें कोई खाना नहीं देता था। एक दिन उन्हें एक रोटी मिली तो वे बहुत खुश हुई। उन्होंने सोचा हम दोनों इसे मिलकर खा लेंगे, लेकिन दोनों ही लालची थी इसलिए दोनों ही ज्यादा रोटी का हिस्सा लेने की सोच रही थी। दोनों आपस में जगह नहीं लगी। तभी वहां से बंदर निकला उसने देखा दोनों के लिए खाने के लिए झगड़ रहे हैं उसने मौके का फायदा उठाने का सोचा। वे दोनों के पास गया और बोला की तुम्हारी समस्या क्या है? मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं। बिल्लियां बोली हमारे पास एक रोटी है और खाने वाले दो इसलिए हम इस का बंटवारा नहीं कर पा रहे हैं ,तो क्या तुम इसे दो हिस्सों में बराबरी से बांट दोगे। बंदर बोला क्यों नहीं मैं तो इस काम में माहिर हूं उसने एक तराजू लिया और रोटी के दो हिस्से कर दिये उसमें से जो भी टुकड़ा बड़ा होता मैं उसे थोड़ा सा तोड़कर खाली था ऐसा ही करते करते धीरे-धीरे रोटी कम हो गई। और बिल्लियों की देखते ही देखते जग्गू बंदर उनकी रोटी खा गया और भी कुछ नहीं कर पाई।
 
शिक्षा:- इसे हमें यह शिक्षा मिलती है कि अपनों से झगड़ा नहीं करना चाहिए वरना कोई दूसरा मौके का फायदा ले लेता।
 
 
 

3. दोस्त की मदद :-

 
एक तालाब में एक बहुत ही सुंदर कछुआ रहता था । उसकी दोस्ती पास के जंगल में रहने वाले एक लोमड़ी से हो गई। एक दिन तालाब के किनारे बैठ कर दोनों गपशप कर रहे थे तभी वहां एक खूंखार तेंदुआ आ गया जिसे देख कर दोनों अपनी-अपनी जान बचाकर अपने घर की ओर भागे। लोमड़ी अपनी तेज रफ्तार के कारण अपनी गुफा में जल्दी ही पहुंच गई, परंतु कछुआ अपनी धीमी रफ्तार के कारण तालाब तक नहीं पहुंच पाया और तेंदुआ उसतक एक ही छलांग में पहुंच गया। जैसे ही यह लोमड़ी ने देखा तो उसे अपने दोस्त की मदद करने का ख्याल आया और वह अपनी गुफा से निकलकर तेंदुए के सामने गुर्राते हुए खड़ी हो गई, लोमड़ी को देख तेंदुआ उसके पीछे दौड़ पड़ा और इसी बीच कछुआ अपनी जान बचाकर तालाब में पहुंच गया। चालाक लोमड़ी ने तेंदुए को अपनी चालाकी से मात दे दी और अपनी गुफा में पहुंच गई। इस प्रकार से उसने अपने दोस्त की मदद की।
 
शिक्षा:- इसे हमें यह सीख मिलती है कि सच्चे दोस्त ही मुसीबत में काम आते हैं।
 
 
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4. मक्खियों की लालच :-

 
एक बार एक व्यापारी अपने शहर को बेच रहा था। तभी अचानक उसके हाथ से शहद की बोतल जमीन पर गिर गई और सारी शहद जमीन पर बिखर गई। व्यापारी ने जल्दी-जल्दी जितनी शहद हो सकती थी उतनी अपने हाथों से उठा ली, परंतु जमीन पर फिर भी बहुत सी शहद बाकी रह गई। कुछ देर बाद वहां एक मक्खियों का झुंड निकलता है उनकी नजर उस जमीन पर पड़े शहद पर पड़ती है। वह मक्खियां लालच में आकर शहद खाने लगती हैं और वह शायद उन्हें बहुत ज्यादा पसंद आती है। लालच में वह मक्खियां जल्दी-जल्दी शहद चाटने लगती हैं और तब तक चाटती हैं अब तक की उनका पेट ना भर गया। जैसे ही मक्खियों का पेट भर गया और उन्होंने उड़ने की कोशिश की, तो वो उड़ ना सकी। क्युकी उनके पंख शड़ाद से चिपक गए थे। उड़ने की उन्होंने बहुत कोशिश की परंतु उड़ ना सकी। वह जितना झटपटाती और उड़ने की कोशिश करती उतना ही उनके शरीर पर शहद लगता जाता। कुछ देर बाद कुछ मक्खियां शहर में लपेट कर मर गई, वहीं कुछ मक्खियां वही झटपटाती रहीं। परंतु उन मक्खियों की स्थिति देखने के बावजूद नई मक्खियां शहद खाने की लालच में आती रहीं ।  और शहद खाकर झटपटाती रहीं। यह सब देखकर व्यापारी बोला जो लोग अपनी जीभ के स्वाद के लालच में पड़ जाते हैं वह लोग इन मक्खियों के समान मूर्ख होते हैं। स्वाद के लालच में एवं थोड़ी देर का सुख उठाने के लिए वह अपने जीवन को बर्बाद कर देते हैं। रोगी बनकर तड़पते हैं और फिर वही मर जाते हैं।
 
 
शिक्षा:- इस से हमें यह शिक्षा मिलती है कि थोड़ी देर के सुख के लिए अप में अपना जीवन नहीं नष्ट करना चाहिए।
 
 
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